हरिद्वार जिले के मुंडाखेड़ा कला गांव में आधी रात को उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक एक विशाल मगरमच्छ गांव के ही मदनपाल नामक ग्रामीण के घर में घुस आया। करीब रात एक बजे हुई इस घटना ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया। लोग गहरी नींद से जाग गए और देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना लक्सर वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही सेक्शन ऑफिसर अनीश कुमार सैनी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम—जिसमें वनकर्मी सुमित कुमार सैनी, शिव कुमार और गुरजंट सिंह शामिल थे—मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने मगरमच्छ को काबू में किया। उसे सुरक्षित जाल में डालकर वापस उसके प्राकृतिक आवास स्थल में छोड़ा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। रेस्क्यू के बाद गांव के लोगों ने चैन की सांस ली।
सेक्शन ऑफिसर अनीश सैनी ने बताया कि मगरमच्छ काफी विशाल आकार का था और रिहायशी क्षेत्र में घुसने से बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। हमारी प्राथमिकता थी कि बिना किसी को नुकसान पहुंचाए इसको सुरक्षित पकड़ा जाए और पुनः जंगल में छोड़ा जाए।
उन्होंने आगे बताया कि बरसात के मौसम में नदियां और नाले उफान पर रहते हैं। खेतों और खलिहानों में जलभराव की वजह से जंगली जीव अक्सर अपने भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाकों तक आ जाते हैं। यही कारण है कि मगरमच्छ जैसे खतरनाक जीव भी गांवों में प्रवेश कर जाते हैं।
साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि इस तरह की घटना होने पर घबराएं नहीं और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके।