कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने एक और भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र की योजना को मंजूरी दे दी है। दीघा में भगवान जगन्नाथ मंदिर के निर्माण के बाद अब राज्य में एक नया मंदिर बनाया जाएगा, जिसका नाम होगा दुर्गा आंगन’। यह जानकारी राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना पर्यटन विभाग और **वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (WBHIDCO)** द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जाएगी।
इस परियोजना के लिए एक नया ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो निर्माण और संचालन का जिम्मा संभालेगा। हालांकि अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि ‘दुर्गा आंगन’ कहां बनाया जाएगा। स्थान के चयन के बाद बजट और अन्य प्रक्रियाएं तय की जाएंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले दीघा में बने भगवान जगन्नाथ मंदिर को लेकर काफी विवाद हुआ था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार जनता के टैक्स से धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं कर सकती। जवाब में सरकार ने मंदिर को एक सांस्कृतिक केंद्र घोषित कर दिया और उसका नाम ‘**श्री जगन्नाथ धाम सांस्कृतिक केंद्र**’ रखा गया। लेकिन ‘धाम’ शब्द को लेकर भी विवाद गहराया, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केवल **चार धाम** — बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी और रामेश्वरम को ही यह उपाधि दी जाती है।
अब देखना होगा कि ‘दुर्गा आंगन’ के निर्माण के साथ सरकार किन बातों का ध्यान रखती है ताकि भविष्य में कोई नया विवाद न खड़ा हो।
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