फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब आबूनगर रेडाइया स्थित लगभग 200 साल पुराने ऐतिहासिक मकबरे पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भगवा झंडा फहरा दिया। यह समूह मकबरे को ठाकुरजी का मंदिर बताते हुए वहां पहुंचा था। इस दौरान कुछ युवकों ने वहां बनी मजारों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा से जुड़े नेता अपने समर्थकों के साथ बड़ी संख्या में एकत्र होकर मकबरा क्षेत्र में घुस गए। पुलिस ने पहले से इलाके की सुरक्षा के लिए तीन किलोमीटर के दायरे में तीन स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इन्हें तोड़ते हुए मकबरे तक पहुंचने में सफलता पाई।
मौके पर पहुंचने के बाद युवकों ने नारेबाजी करते हुए मकबरे पर भगवा झंडा फहराया और मजारों में तोड़फोड़ की। इस दौरान वहां मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भगवा झंडा उतारकर माहौल शांत कराने की कोशिश की।
हालांकि, मौके पर दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल अब भी स्थल पर मौजूद हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। विस्तृत जानकारी आने तक इलाके में कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
