देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रविवार को मौसम विभाग ने अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल और उधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इस बीच, उत्तरकाशी के मातली हेलीपैड से धराली के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, जिससे रेस्क्यू अभियान फिलहाल रोकना पड़ा है।
भूस्खलन और खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। बदरीनाथ मार्ग बंद है, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्राएं भी अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। कई स्थानों पर यात्री फंसे थे, लेकिन जिला प्रशासन के अनुसार अब सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से लैंसडाउन, रुड़की, रायवाला, कोटद्वार, रामनगर, काशीपुर, रानीखेत और लालकुआं के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। नदियों के किनारे और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों के लिए खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गंगनानी में क्षतिग्रस्त पुल की जगह बेली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है, जबकि डबरानी में क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द दुरुस्त कर यातायात बहाल किया जाएगा।
राज्य सरकार ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन ने भी लोगों से नदियों के किनारे न जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।