After Header-1

क्या ट्रंप-पुतिन की मुलाकात खत्म कर पाएगी यूक्रेन युद्ध? जानिए पूरी कहानी

300×250 ADS-1

Russia–Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक नई कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है। अमेरिका के पूर्व और संभावित आगामी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 15 अगस्त को अलास्का में एक उच्चस्तरीय बैठक होगी। इस मुलाकात को लेकर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह यूक्रेन में लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक संभावित बड़ी पहल मानी जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस बैठक की घोषणा की और बाद में व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में बताया कि वे और पुतिन यूक्रेन संकट के समाधान के लिए “क्षेत्रों की अदला-बदली” पर बातचीत करेंगे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किन क्षेत्रों पर चर्चा होगी और क्या यूक्रेन सरकार इस प्रस्ताव से सहमत होगी।

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के सहायक यूरी उशाकोव ने भी इस बैठक की पुष्टि की है और कहा कि यह एक “महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन” होगा जो अलास्का में आयोजित किया जाएगा।

इस बैठक से पहले पुतिन ने वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाने की रणनीति शुरू कर दी है। उन्होंने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की। **दी मॉस्को टाइम्स** के मुताबिक पुतिन ने चीन को अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की रूस यात्रा की जानकारी दी और यूक्रेन संकट के दीर्घकालिक समाधान के लिए जिनपिंग से समर्थन मांगा, जिस पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

300×600 ADS-2

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर पुतिन से विस्तार से बातचीत की। मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “मित्र पुतिन के साथ यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम पर अच्छी और विस्तृत चर्चा हुई।” उन्होंने दोनों देशों के “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” की पुष्टि करते हुए शांति की नीति पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

बातचीत के दौरान यह भी पुष्टि हुई कि पुतिन **अगले वर्ष भारत दौरे पर आ सकते हैं**, जो भारत-रूस संबंधों को और मज़बूत कर सकता है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को यूक्रेन में युद्धविराम समझौते के लिए 8 अगस्त की समयसीमा दी थी, जो बिना किसी औपचारिक परिणाम के खत्म हो गई। लेकिन उसी दिन पुतिन से उनकी आगामी बैठक की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल बढ़ा दी।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 15 अगस्त को होने वाली यह ऐतिहासिक बैठक क्या वास्तव में यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का रास्ता खोलेगी या सिर्फ एक और असफल कूटनीतिक प्रयास साबित होगी।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.