After Header-1

रक्षा बंधन 2025 पर ऐतिहासिक योग, ऐसे संयोग 1728 में बने थे आखिरी बार

300×250 ADS-1

इस बार का  रक्षा बंधन पर्व बेहद विशेष और ऐतिहासिक रहने वाला है। शनिवार को मनाए जा रहे इस पावन पर्व पर एक ऐसा दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो इससे पहले वर्ष  1728 में बना था, यानी पूरे 297 साल पहले। इस दिन आठ ग्रह उन्हीं राशियों में स्थित रहेंगे, जिनमें वे 1728 में थे।

उज्जैन के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बेवाला के अनुसार, इस बार श्रवण नक्षत्र, पूर्णिमा तिथि, सौभाग्य योग और मकर राशि में चंद्रमा सहित कई शुभ योग एक साथ पड़ रहे हैं। इससे रक्षा बंधन का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।

पंडित डब्बेवाला के अनुसार, शनिवार को सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में, और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ऐसा ग्रह-संयोग आसान‍ी से देखने को नहीं मिलता, और इसे सदी का दुर्लभ योग माना जा रहा है।

300×600 ADS-2

पं. अजयशंकर व्यास के अनुसार, इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं है, जिससे पर्व को पूरी तरह शुभ और मंगलकारी माना जा रहा है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा।

इसके अलावा श्रावणी पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा। उज्जैन की शिप्रा नदी के घाटों पर विशेष स्नान और जनेऊ संस्कार का आयोजन होगा।  हेमाद्री स्नान के माध्यम से आत्मशुद्धि और पापों से मुक्ति का विधान बताया गया है, जिसमें विशेष सामग्रियों का उपयोग किया जाएगा।

रक्षा बंधन का यह पर्व इस बार सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ज्योतिष और सनातन परंपरा का अद्वितीय संगम भी बनने जा रहा है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.