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चारधाम यात्रा को झटका? हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालक को नोटिस

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Nainital नैनीताल उच्च न्यायालय ने देहरादून के टैक्सी और बस मालिकों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालक को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब दाखिल करने को कहा है। यह सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में हुई।

याचिका में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2015 में तत्कालीन सरकार ने *”मेरे बुजुर्ग, मेरे तीर्थ यात्री”* नामक योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य चारधाम यात्रा को बढ़ावा देना था। इस योजना के तहत देश-विदेश से तीर्थयात्री देहरादून रेलवे स्टेशन पर उतरते थे और वहीं से दून टैक्सी स्टैंड के प्रीपेड बूथ से अपनी यात्रा आगे बढ़ाते थे।

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हालांकि, अब रेलवे प्रशासन द्वारा उस टैक्सी बूथ को बंद कर लीज पर दे दिया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि तय समय पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है और चारधाम यात्रा की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा, याचिका में यह भी मांग की गई है कि एक समय में पांच से अधिक टैक्सियों को स्टैंड पर खड़े होने की जो पाबंदी है, उसे भी हटाया जाए। याचिकाकर्ता कई वर्षों से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा सहित केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अवगत कराते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

अब हाईकोर्ट द्वारा प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालक को नोटिस जारी करने के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जल्द कोई ठोस निर्णय सामने आएगा।

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