
Dehradun: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में कई जगहों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। उत्तरकाशी में धराली क्षेत्र में रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन की समीक्षा के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जनपद के थलीसैंण तहसील अंतर्गत बांकुड़ा और अन्य प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
मुख्यमंत्री के साथ क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी इस हवाई निरीक्षण में शामिल रहे। सर्वेक्षण के दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मुख्यमंत्री को थलीसैंण और पाबौ ब्लॉक में आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कार्य शुरू किए जाएं। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि आवागमन सामान्य हो सके। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और पेयजल की व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा।

खासतौर पर पौड़ी-रामनगर मोटर मार्ग पर बने पुल को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुल को शीघ्र मरम्मत कर आवाजाही बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी है।
उल्लेखनीय है कि राठ क्षेत्र में पूर्वी और पश्चिमी नयार नदियों ने उफान मारते हुए भारी तबाही मचाई है। गाड-गदेरे भी उफान पर हैं, जिससे कई गांवों की कृषि भूमि बह गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते दो दिनों में हुई भारी बारिश से कई मकानों और खेतों को नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी न रह जाए और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता तुरंत पहुंचाई जाए।
