देवघर। सावन माह की तीसरी सोमवारी पर देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर पहुंच गई। बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए देश-विदेश से लाखों शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार तड़के 04:09 बजे मंदिर का पट खुलते ही विधिवत जलार्पण की शुरुआत हो गई। बाबा की नगरी “देवघर” में “हर-हर महादेव” और “बोल-बम” के जयघोषों से वातावरण गुंजायमान रहा।
सुल्तानगंज से 105 किलोमीटर की पदयात्रा
सावन के इस पवित्र महीने में कांवरिए बिहार के सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। जलार्पण के दौरान अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालु न सिर्फ भारत के विभिन्न राज्यों से, बल्कि नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों से भी आकर भोलेनाथ पर जल चढ़ा रहे हैं।
33 लाख से अधिक भक्तों ने किया जलार्पण
देवघर जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक कुल 33,11,291 श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं। यह आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, छाया और विश्रामगृह जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
ड्रोन शो बना आकर्षण का केंद्र
तीसरी सोमवारी के अवसर पर शिवलोक परिसर में एक विशेष ड्रोन शो का भी आयोजन किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की उपस्थिति में आयोजित इस शो की थीम “शिव गाथा” पर आधारित थी। ड्रोन शो शाम 08 बजे शुरू हुआ और 20 से 25 मिनट तक चला। यह शो बाबा मंदिर की परिधि से लेकर पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में देखा जा सका।
पौराणिक महत्व की झलकियों का प्रदर्शन
ड्रोन शो में बाबा बैद्यनाथ मंदिर की पौराणिक गाथाओं, 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा, श्रावणी मेला की सांस्कृतिक विरासत और कांवड़ यात्रा के महत्व को आकर्षक ग्राफिक्स और आकाशीय रोशनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। श्रद्धालुओं ने इस भव्य दृश्य को कैमरों में कैद किया और इसे यादगार पल बताया। सोशल मीडिया पर इस शो की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं।
प्रशासन की चुस्त व्यवस्था
जिला प्रशासन और पुलिस बल की ओर से कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के तहत भीड़ को नियंत्रित किया गया। रूट लाइन पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात रहे। मेडिकल टीम, वॉलंटियर और सहायता केंद्र लगातार सक्रिय रहे। CCTV और ड्रोन से भीड़ पर निगरानी रखी जा रही है।
भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा
सावन की सोमवारी को भगवान शिव की विशेष पूजा का महत्व है और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को लेकर यह आस्था और भी गहरी है। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से जल चढ़ाने से बाबा सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि हर साल सावन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस तीर्थ में खिंचे चले आते हैं।
निष्कर्ष
बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में सावन माह की तीसरी सोमवारी एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम बन गई। बाबा पर चढ़ाया गया हर बूँद जल, भक्तों के अटूट विश्वास की मिसाल बनकर इस पावन नगरी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।