उत्तराखंड में जीवन रक्षक बनी हेली एम्बुलेंस सेवा, अब तक 60 से अधिक लोगों की बचाई जान: सीएम धामी
देश की पहली निशुल्क हेली इमरजेंसी सेवा 24x7 अलर्ट मोड पर, एम्स ऋषिकेश के सहयोग से चल रही है संजीवनी जैसी राहत
-
उत्तराखंड देश का पहला राज्य जहाँ हेली एम्बुलेंस सेवा निशुल्क रूप से उपलब्ध
-
अब तक 74 घंटे 12 मिनट की उड़ानों में 60+ पीड़ितों को सुरक्षित एयरलिफ्ट
-
दुर्गम क्षेत्रों, सड़क हादसों, गर्भवती महिलाओं और मेडिकल इमरजेंसी में साबित हो रही कारगर
-
मौसम खराब होने पर वैकल्पिक राहत उपायों के निर्देश
-
डीजीसीए मानकों के अनुसार ही मिलती है अंतिम उड़ान अनुमति
-
मुनस्यारी, अल्मोड़ा और जोशीमठ जैसे क्षेत्रों में सेवा ने निभाई अहम भूमिका
देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य की भौगोलिक विषमताओं और आपदा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की गई है। यह सेवा अब तक 60 से अधिक पीड़ितों की जान बचा चुकी है और प्रदेश को हेलीकॉप्टर इमरजेंसी सेवा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल कर चुकी है।
राज्य के लिए ‘संजीवनी’ बनी हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस सेवा
29 अक्टूबर 2024 को एम्स ऋषिकेश के सहयोग से शुरू हुई यह सेवा भारत की पहली निशुल्क हेली इमरजेंसी मेडिकल सेवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेवा आपदा, सड़क दुर्घटना, गर्भावस्था की जटिलताएं, भूस्खलन व बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत पहुंचाने का अहम जरिया बन चुकी है।
राज्य सरकार ने हेली एम्बुलेंस को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा है ताकि आपातकाल में फौरन रेस्पॉन्स दिया जा सके।
उड़ान का रिकॉर्ड:
-
अब तक कुल उड़ान समय: 74 घंटे 12 मिनट
-
एयरलिफ्ट किए गए मरीज: 60+
-
सड़क दुर्घटनाएं: 23 केस
-
गर्भावस्था संबंधी आपात स्थिति: 18 केस
-
अन्य मेडिकल इमरजेंसी: 19 केस
-
प्रमुख अभियान जहां सेवा ने निभाई भूमिका
-
5 नवंबर 2024, अल्मोड़ा बस दुर्घटना
-
1 मार्च 2025, जोशीमठ हिमस्खलन
-
दोनों ही मामलों में पीड़ितों को तेजी से एयरलिफ्ट किया गया।
मुनस्यारी केस: मौसम बनी बाधा
11 जुलाई 2025 को मुनस्यारी के धापा गांव से एक महिला व नातिन के जहरीले मशरूम खाने के बाद गंभीर स्थिति बनी।
-
डीएम पिथौरागढ़ ने तत्काल हेली सेवा की मांग की
-
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने अनुमति भी दे दी
-
लेकिन मौसम अत्यधिक खराब होने के कारण, DGCA मानकों के अनुसार उड़ान संभव नहीं हो पाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी किसी आपात स्थिति में डीएम की मांग को प्राथमिकता दी जाएगी, परंतु अंतिम निर्णय मौसम और सुरक्षा पर आधारित रहेगा।
सीएम धामी का बयान:
“हेली एम्बुलेंस सेवा राज्य के लिए संजीवनी साबित हो रही है। अब तक कई ज़िंदगियों को इससे बचाया गया है। हम भविष्य में भी इसे और मजबूत और सुलभ बनाएंगे।”