रुद्रप्रयाग में मौसम बदलने से बीमारियों में इजाफा, अस्पतालों में ओपीडी बढ़ी

रुद्रप्रयाग। मानसून सीजन के दौरान पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश और फिर अचानक तेज धूप के कारण रुद्रप्रयाग जिले में मौसम अस्थिर होता जा रहा है। इस मौसम परिवर्तन का सीधा असर आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिले के प्रमुख अस्पतालों में खांसी, जुखाम, वायरल बुखार, बदन दर्द और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग समेत जनपद के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों ओपीडी में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

ओपीडी में 65% मरीज वायरल बुखार और सर्दी-खांसी से ग्रस्त

जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से प्रतिदिन अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारी ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 280 से 350 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से करीब 65 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार, खांसी-जुखाम और शरीर में दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं।

डॉ. मनीष ने बताया कि खासकर बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द, पीठ दर्द और ठंड लगने की शिकायतें बढ़ रही हैं। वहीं, बच्चों और युवाओं में सर्दी-जुखाम और बुखार प्रमुख लक्षण बनकर सामने आ रहे हैं।

बारिश और उमस बना रही है बीमारी की वजह

मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों के मुताबिक मानसून के दौरान हो रही बारिश के बाद तेज धूप और उमस बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण पैदा कर रही है। बारिश में भीगने, गंदे पानी के संपर्क में आने और तापमान में उतार-चढ़ाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है।

डॉक्टरों का कहना है कि दिन में तेज गर्मी और रात में ठंडक के कारण शरीर को समायोजन में दिक्कत होती है, जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेष रूप से जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर है, वे जल्दी इस मौसम के प्रभाव में आ जाते हैं।

अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी बढ़ रही भीड़

जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जनपद के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिलवाड़ा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ और एलोपैथिक चिकित्सालय गुप्तकाशी में भी प्रतिदिन बुखार, सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। कई जगहों से वायरल बुखार के छोटे-छोटे समूह में फैलने की खबरें मिल रही हैं, हालांकि अभी तक कोई बड़ी या गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे बदलते मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। बारिश में भीगने से बचें, घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट का इस्तेमाल करें, और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। डॉक्टरों ने लोगों को उबला हुआ पानी पीने, स्वच्छ भोजन करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने की सलाह दी है।

डॉ. मनीष कुमार ने कहा, “इस मौसम में स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। इसलिए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।”

निष्कर्ष

रुद्रप्रयाग जिले में मौसम के बदलाव ने स्वास्थ्य पर व्यापक असर डाला है। अस्पतालों की ओपीडी में तेजी से बढ़ती भीड़ और मरीजों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि अब मौसमी संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जनजागरूकता, समय पर उपचार और सावधानी ही इस स्थिति से निपटने का सबसे कारगर उपाय है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।

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