ताइपे— चीन की आक्रामक और विस्तारवादी नीतियों ने एक बार फिर से ताइवान की सुरक्षा को चुनौती दी है। मंगलवार की सुबह ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि चीन के 26 सैन्य विमान, सात नौसैनिक जहाज और एक आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए हैं। इनमें से 21 सैन्य विमानों ने ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर लिया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ताइवान पहले से ही चीन की लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों और घुसपैठ को लेकर सतर्क है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा किया।
मध्य रेखा पार कर उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्र में प्रवेश
मंत्रालय के अनुसार, चीन के 26 विमानों में से 21 ने ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा पार की और उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया। यह मध्य रेखा एक अघोषित लेकिन स्वीकृत सीमा मानी जाती है जो चीन और ताइवान को अलग करती है। वर्षों तक इस रेखा का सम्मान किया जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में चीन लगातार इस सीमांकन को नजरअंदाज करता आ रहा है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सशस्त्र बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और तटीय मिसाइल प्रणालियाँ सक्रिय कर दीं। मंत्रालय के अनुसार, यह घुसपैठ ताइवान की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधी चुनौती है।
रात्रिकालीन अभ्यास और लाइव फायर ड्रिल
ताइवान की सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं। मंत्रालय ने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा कि सशस्त्र बलों ने रात्रिकालीन रनवे मरम्मत अभ्यास किया, ताकि किसी आपात स्थिति में उड़ान संचालन में बाधा न आए। इसके साथ ही दूरस्थ द्वीपों पर तैनात सैनिकों ने भोर में लाइव फायर अभ्यास कर अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत किया।
इस अभ्यास का उद्देश्य तत्काल प्रतिक्रिया देने की दक्षता को बढ़ाना और किसी संभावित चीनी आक्रमण के लिए तैयार रहना है।
12 जुलाई को भी हुई थी घुसपैठ
यह पहली बार नहीं है कि चीन ने ऐसी उकसावे वाली हरकत की है। 12 जुलाई को भी चीन के 14 सैन्य विमान, नौ नौसैनिक जहाज और एक आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास देखे गए थे। तब भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए चीन के इरादों को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
इन घटनाओं के बार-बार होने से यह स्पष्ट हो रहा है कि चीन ताइवान पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखना चाहता है।
गुआम के पास समुद्र तल का सर्वेक्षण: सैन्य रणनीति का हिस्सा?
ताइपे टाइम्स अखबार की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन अपने जहाजों के माध्यम से ताइवान क्षेत्र में गुआम के आसपास समुद्री तल का मानचित्रण कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधि सामान्य वैज्ञानिक सर्वेक्षण नहीं, बल्कि सैन्य रणनीति का हिस्सा हो सकती है। समुद्र तल का नक्शा बनाकर चीन पानी के नीचे केबल बिछाने और अन्य सैन्य गतिविधियों की योजना बना सकता है।
इससे चीन को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की गतिविधियों पर नजर रखने और युद्धकालीन परिस्थितियों में संचार अवरोधन करने की क्षमता प्राप्त हो सकती है।
ताइवान की प्रतिक्रिया: पूरी सतर्कता में सेना
ताइवान सरकार ने बार-बार कहा है कि वह चीन के किसी भी प्रकार के आक्रमण या उकसावे का माकूल जवाब देने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ताइवान के रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेंगे।”
निष्कर्ष:
चीन की हालिया घुसपैठ एक बार फिर यह दर्शाती है कि ताइवान को लेकर उसका आक्रामक रुख बना हुआ है। चाहे वह वायु सीमा का उल्लंघन हो, समुद्री मानचित्रण की गतिविधियाँ हों या सैन्य जहाजों की तैनाती — ये सभी संकेत क्षेत्रीय अस्थिरता और संभावित टकराव की चेतावनी हैं।
दुनिया की निगाहें ताइवान पर हैं, और यह समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए न केवल चेतावनी का है बल्कि कार्रवाई का भी।