पटना।केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर की गई इस धमकी में 20 जुलाई तक उन्हें “बम से उड़ाने” की बात कही गई है। इस घटना से पार्टी में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस और खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।
धमकी को लेकर पटना स्थित साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लोजपा (रा) के मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट की ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
इंस्टाग्राम कमेंट में मिली धमकी
प्रवक्ता राजेश भट्ट ने बताया कि धमकी एक यूट्यूबर दक्षाप्रिया के इंस्टाग्राम अकाउंट के कमेंट सेक्शन में दी गई, जहां एक व्यक्ति “टाइगर मेराज इदिसी” नामक प्रोफाइल से चिराग पासवान को बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी। यह कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया।
भट्ट ने कहा, “यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। चिराग पासवान देश के एक युवा और लोकप्रिय नेता हैं। उन्हें मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हम मांग करते हैं कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।”
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोजपा (रा) ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। चिराग पासवान के जीजा और जमुई से सांसद अरुण भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने लिखा, “राजद को अपनी संभावित चुनावी हार का अंदेशा है। इसलिए वे अब पुराने जंगलराज की राह पर लौट रहे हैं। चिराग पासवान को धमकी देना इसी सोच का नतीजा है।” भारती ने बिहार सरकार से चिराग पासवान की सुरक्षा तत्काल बढ़ाने और उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा, “चिराग शेर का बेटा है। न कभी किसी से डरा है, न डरेगा। वो बिहार के लिए जिएगा, बिहार के लिए मरेगा। ऐसी धमकियां उसके हौसले को तोड़ नहीं सकतीं।”
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी
पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने धमकी को गंभीरता से लिया है। पटना साइबर थाना की एक टीम धमकी देने वाले व्यक्ति की डिजिटल ट्रैकिंग में जुट गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह व्यक्ति किसी फर्जी नाम से भी कमेंट कर सकता है, इसलिए जांच की दिशा तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित है।
बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। यह धमकी एक केंद्रीय मंत्री को दी गई है, इसलिए गृह मंत्रालय को भी इसकी सूचना भेजी गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो दिल्ली स्थित केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी।
पार्टी में बढ़ा आक्रोश, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद लोजपा (रा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। कई नेताओं ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह घटना बिहार में कानून व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव संतोष सिंह ने कहा कि “यदि एक केंद्रीय मंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी इस मामले को संसद में भी उठाएगी और सरकार से इस तरह के साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेगी।