प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त:  डॉ प्रतिमा सिंह

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने देहरादून के रायपुर क्षेत्र में महिला के साथ हुई बलात्कार की घटना की कठोर शब्दो में निन्दा करते हुए इसे राज्य की ध्वस्त होती कानून व्यवस्था का नतीजा बताते हुए कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड प्रदेश में पिछले दो साल से महिलाओं की अस्मिता लूटी जा रही है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में जंगलराज कायम हो चुका है तथा सरकार व कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने बलात्कारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला अपराधों के प्रति बिलकुल भी संवेदनशील नहीं है तभी राज्य में रोज-रोज इस प्रकार की भीवत्स एवं घृणित घटनायें घटित हो रही है तथा राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बेशर्मी का पर्दा ओड़ रखा है। उन्होंने कहा कि चाटुकारों से घिरे प्रदेश सरकार के मुखिया पुष्कर सिह धामी उत्तराखण्ड प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने मे पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। बलात्कार व हत्या की घटनाओं में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता के चलते सरकार के दबाव मे पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है इसका नतीजा यह है कि आज प्रदेश में महिलाएं अपने को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही हैं। लगातार घट रही महिला अत्याचार की घटनाओं के कारण राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर तो प्रश्न चिन्ह लग ही रहा है, राज्य की ध्वस्त होती कानून व्यवस्था भी उजागर हो रही है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि महिला अपराधों में नगण्य तथा महिलाओं के लिए सबसे अधिक सुरक्षित मानी जाने वाली देवभूमि में जिस प्रकार महिला अपराध बढ़ रहे हैं यहां तक कि पर्वतीय क्षेत्र जहां महिला अपराध लगभग शून्य रहे हैं पिछले दो वर्ष के अन्दर अनेक ऐसी महिला अपराध व बलात्कार की घटनायें घटित हुई हैं जिनसे पूरी देवभूमि शर्मसार हुई है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी से मांग की है कि जिन क्षेत्रों में महिला अत्याचार की घटनायें घटित हुई हैं उन क्षेत्रों के नक्कारा पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए तथा पुलिस के जो वरिष्ठ अधिकारी बिगडती कानून व्यवस्था के लिए दोषी हैं उन्हें उनके पद से तत्काल हटाया जाना चाहिए।

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