समूह गकी 1200 भरतीयों में आंदोलनकारी आश्रितों को नौकरी दी जाए :धीरेंद्र प्रताप

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व काबिना मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड में समुह ग की जल्द 1200 नई भर्तियां शुरू किये जाने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वह तत्काल राज्यपाल से मिले और राज्य विधानसभा द्वारा 10 फीसदी आरक्षण के तहत राज्य आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरी दिए जाने हेतु राज्यपाल के यहां पड़े विधानसभा दवारा पास विधेयक को मोहर लगव।कर कानून का दर्जा दिए जाने हेतु हस्तक्षेप करें।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य सरकार ने तमाम वैधनिक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए राज्य आंदोलनकारी के लिए 10 फीसदी आरक्षण के बिल को विधानसभा में पास किया था परंतु खेद का विषय है कि उसका लाभ अब तक भी राज्य आंदोलनकारियों को नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी सड़कों पर है और इस सिलसिले में अब 30 जून को मुख्यमंत्री आवास पर परदर्शन आयोजित किया जाएगा ।

उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आंदोलनकारी रहे हैं ्पर फिर भी इसके बाद राज्य आंदोलनकारी के लिए किसी भी प्रकार के रोजगार की व्यवस्था सरकार के द्वारा नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा राज्य सरकार का जो भी अस्तित्व है वह राज्य आंदोलनकारी द्वारा किए गए लंबे संघर्ष का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का गांधीवादी सत्याग्रह यदि सरकार द्वारा सम्मान नहीं प्राप्त कर पाता तो उसका सीधा श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जाता है।

उन्होंने नैनीताल में छुट्टियां बिता रहे राज्यपाल से भी कहा है कि वह जिस राज्य के राज्यपाल हैं उसको बनाने वाले आंदोलनकारियों की भावना का सम्मान करें और यह भावना का ही प्रश्न नहीं है यह उनकी आर्थिक आवश्यकताओं का भी प्रश्न है, उसका सम्मान करें ।आज आंदोलनकारी भूकंभूखे मर रहे हैं और राज्य सरकार के द्वारा उन्हें कोई सहायता नहीं दी जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई जिलों में तो चुनाव के नाम पर पिछले 6- 8 महीने से आंदोलनकारी को पेंशन तक नसीब नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और जल्द से जल्द राज्य की ट्रेजरी अधिकारियों को निर्देश देना चाहिए कि वह आंदोलनकारियों को समय से पेंशन देने का इंतजाम करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.