नशे के उत्पादों को आय का जरिया ना बनाये सरकार

नशे के खिलाफ आयोजित प्रतियोगिता में शामिल हुये 11 इंटरमीडिएट की 21 छात्र-छात्रायें

सरकार के प्रयासों को बताया नाकाफी, राजस्व के लिये नये स्रोत तलाशे सरकार
नशे को लेकर अपने बच्चों ने साझा किये अपने अनुभव

बागेश्वर। समाज में नशे को रोकने के लिये सरकार को ईमानदार और धरातल पर ठोस पहल करने होंगे। राजस्व हासिल करने के लिये सरकार ( government)को नशे से जुड़े उत्पादों की बजाय दूसरे विकल्प तलाशने होंगे। यह कहना है नशे के खिलाफ शुरू हुये अभियान में शामिल हुये बच्चों का।
संवाद वैलफेयर सोसायटी द्वारा नगर पालिका सभागार में नशा ( intoxication) एक अभिशापः समाधान की संभावनायें विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुयी। प्रतियोगिता में 11 इंटरकॉलेज के 15 छात्राओं और 6 छात्रों ने अपने विचार रखे। बच्चों ने नशे के कारोबार को दूर करने में सरकार की अब तक की तमाम कोशिशों को सिरे से नकार दिया। जीजीआईसी मंडलसेरा की छात्रा सुमन नेगी ( Student Suman Negi) ने कहा कि सरकार आबकारी या अन्य नशे से जुड़े उत्पादों को अपनी बढ़ाने के साधन के तौर पर उपयोग ना करे। सरकार को जमीनी स्तर पर शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि तमाम तंबाकू उत्पादों (  Tobacco Products) में चेतावनी लिखी होती है इसके बावजूद लोग इनका प्रयोग करते हैं। शिक्षा के साथ जागरूकता होगी तो नशे से होने वाली समस्यायें दूर होंगी। कंटीवाइड स्कूल के रोहित खेतवाल ने कहा कि बच्चों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ना अच्छे संकेत नहीं हैं। स्कूलों में नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा साथ ही शिक्षकों को एक आदर्श प्रस्तुत करना होगा। केन्द्रीय विद्यालय की छात्रा रिया ने कहा कि नशे के खिलाफ अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपने बच्चों पर अंकों का बोझ डालने से बेहतर है अभिभावक बच्चों के साथ र्प्याप्त समय बितायें और उन्हें संस्कारित करें। आनंदी एकेडमी की निष्ठा भटट ने कहा कि नशे पर अंकुश ना लगने के कारण भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक देश बन गया है। यह चिंता की बात है।
प्रतियोगिता में निर्णायक रहे हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डीके जोशी, उद्यमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप सिंह खेतवाल और महाविद्यालय की प्रचार्य डॉ नेहा भाकुनी ने कहा कि नशे के खिलाफ बच्चों को अधिक संख्या में शामिल होना अच्छे संकेत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान में छात्राओं ने अधिक संख्या मे भागीदारी की है। आने वाले समय में इसके अच्छे परिणाम सामने आयेंगे। प्रतियोगिता के आयोजक संवाद वैलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष संतोष फुलारा ने कहा कि नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता आवश्यक है। प्रतियोगिता के माध्यम से इसकी शुरूआत बच्चों से की गयी है। पहले चरण में चयनित छात्र छात्राओं को 5 नवंबर को आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
प्रतियोगिता में प्रज्ञा कांडपाल, तनुज थापा, भारती पांडे, खुशबू आर्या, ज्योति जोशी, निष्ठा भटट, कामाख्या, पावनी वर्मा, गीता कनेरा, हुमा नाज, अंकित कुमार, प्राची लोहनी, तुलसी गोस्वामी, सोमेश तिवारी आदि ने अपने विचार रखे।
इस मौके पर जयंत सिंह भाकुनी, अंजू पांडे, मीनू तिवारी, क्रीना पटेल सहित अन्य सोसायटी सदस्य मौजूद रहे।

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