केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ” पढ़ाई भी एवं पोषण भी ” योजना को सराहा

नयी दिल्ली। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में”पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ती के साथ ही उपनिदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर की टीम द्वारा उत्साह से प्रतिभाग किया गया।

इस कार्यक्रम में श्री संजय कॉल, अध्यक्ष ECCE (Early Childhood Care & Education) टास्क फोर्स भारत सरकार ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हेतु बनाये गए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख व शिक्षा विषयक तीन दिवस के प्रशिक्षण मॉड्यूल का परिचय लघु फ़िल्म के माध्यम से दिया गया।

श्री इंदीवर पाण्डेय, सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार ने बताया कि 6 वर्ष तक की आयु में बच्चे का 85 प्रतिशत मस्तिष्क विकसित हो जाता है अतः इस आयु में अनुपूरक पोषाहार के साथ ही वैज्ञानिक तरीक़े से पढ़ाई भी जरूरी है ताकि बच्चे का पूर्ण विकास संभव हो सके।

यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी को सक्षम बनाकर सुपोषित व शिक्षित भारत की नींव मजबूत करेगा। इस कार्य मे विभाग के विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

डॉ मंजुपारा महेंद्रभाई मा. राज्यमंत्री जी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, आशा व ANM के आपसी समन्वय की महत्ता पर प्रकाश डाला।

श्रीमती स्मृति ईरानी, मा. मंत्री, भारत सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों का सतत विकास लक्ष्यों से तारतम्य बनाकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने “पोषण भी व पढ़ाई भी” का संकल्प लिया है जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूती देते हुए हुए वैज्ञानिक स्वरूप में लागू किया जाएगा।
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मेघालय राज्यों में ECEC की सफलता की कहानियों पर प्रस्तुतिकरण किया गया।

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