आत्मनिर्भर भारत: सेना को मिलेंगे स्वदेशी मॉड्यूलर ब्रिज

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की कल्पना के तहत रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण को बड़ा बढ़ावा देने के लिए सेना की इंजीनियर कोर के लिए मॉड्यूलर ब्रिजेज के 41 सेटों के स्वदेशी विनिर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महत्त्वपूर्ण परिस्थितियों में बाजी पलटने का दम रखने वाले इन पुलों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने डिजाइन और विकसित किया है और लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) द्वारा डीआरडीओ-नामित उत्पादन एजेंसी के रूप में निर्मित किया जाएगा।

मॉड्यूलर ब्रिज की खरीद के लिए एलएंडटी के साथ 2,585 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत पर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मॉड्यूलर ब्रिज के प्रत्येक सेट में 8७8 हेवी मोबिलिटी वाहनों पर आधारित सात वाहक वाहन और 10.10 हेवी मोबिलिटी वाहनों पर आधारित दो लॉन्चर वाहन शामिल होंगे। प्रत्येक सेट यांत्रिक रूप से पूर्णत: डेक किए गए 46 मीटर के असॉल्ट ब्रिज को लॉन्च करने में सक्षम होगा।

पुल को त्वरित लॉंचिंग और पुनर्प्राप्ति क्षमताओं के साथ नहर और खाई जैसी विभिन्न प्रकार की बाधाओं को पार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह उपकरण अत्यधिक मोबाइल, बहुमुखी, विषम और व्हील्ड तथा ट्रैक्ड यंत्रीकृत वाहनों के साथ तालमेल रखने में सक्षम है।

 

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