धामती देवी  ने गुलदार के जबड़े से हिरन के बच्चे को बचाया

चमोली । उत्तराखंड के चमोली जिले के वाण गांव की धामती देवी ने गुलदार के जबड़े से हिरन के बच्चे को न सिर्फ बचाया बल्कि घायल अवस्था में हिरन के बच्चे को  धामती देवी गोद में उठा कर अपने घर  ले लायीं। साथ ही मां की ममता की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने हिरन के बच्चे को दूध पिला कर नया जीवन भी दिया।

धामती देवी जंगल में चारापती के लिए गयी थी। वहां गुलदार के जबड़े में हिरन का एक छोटा बच्चा दिखा, जो दर्द से कराह रहा था।  यह देख धामती देवी चिल्लाई। शोर सुनकर गुलदार भाग गया। हिरन के घायल शावक  को देखकर धामती देवी की ममता पसीज गया और वो चारापत्ती को छोड़कर हिरन के बच्चे को घर ले आई।

धामती देवी नें बाजार से दूध पिलाने की बोतल खरीदकर हिरन के बच्चे को दूध पिलाया। इसके बाद उन्होने इसकी सूचना सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढवाली को दी, जिन्होने वन विभाग को सूचित किया और हिरन के बच्चे को निकटवर्ती पशु चिकित्सालय वाण ले गये।

पशु चिकित्सालय वाण में पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट मनीष कुमार पांडेय ने घायल हिरन के बच्चे का उपचार किया जिसके बाद इसे वन विभाग को सौंपा गया। वन विभाग के वन दरोगा गबर सिंह बिष्ट ने धामती देवी का आभार व्यक्त करते हुए कहा की धामती देवी नें मानवता की मिशाल पेश की है। 

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