मिल्क प्लांटों में नौकरी के लिए आउटसोर्स एजेंसी पर घूस वसूली का इल्जाम

आउटसोर्स एजेंसी पर 30 हजार घूस रुपये प्रति पद घूस वसूली का इलजाम

  • भाकपा माले नेता इेंश मैखुरी ने सीएम, मंत्री सीएस व डीजीपी से  शिकायत
देहरादून । भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के गढ़वाल सचिव इेेंश मैखुरी ने उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा संचालित विभिन्न दुग्ध संयंत्रों में आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा मजदूर एवं अन्य कार्मिक की भर्ती में रिश्वत का इलजाम लगाया है।
इेंश मैखुरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री, मुख्य सचिव , सचिव दुग्ध विकास, पुलिस महानिदेशक, चमोली के डीएम व एसपी को पत्र लिखकर कहा है कि  दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा संचालित विभिन्न दुग्ध संयंत्रों में आउटसोर्सिंग द्वारा मजदूर एवं अन्य कार्मिक आपूर्ति का ठेका मैसर्स पांखी नामक एजेंसी को मिला है।
 यह भी ज्ञात हुआ है कि मैसर्स पांखी द्वारा दुग्ध संयंत्रों में पूर्व से कार्यरत मजदूरों एवं अन्य श्रमिकों से कहा जा रहा है कि वे आगे तभी काम कर पाएंगे, जबकि वे मैसर्स पांखी को प्रति मजदूर कार्मिक, तीस हजार रुपये का भुगतान करेंगे।
 यह अपने आप में विचित्र काम है जो मैसर्स पांखी द्वारा किया जा रहा है कि वे मजदूरों को भुगतान करने के बजाय उल्टा काम शुरू करने से पहले मजदूरों और अन्य कार्मिकों से पैसे की मांग कर रहे हैं यह पैसे की मांग करते हुए मजदूरों को मैसर्स पांखी की ओर से धमकाया गया कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है और मुख्यमंत्री भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
मैखुरी ने इस अवैध वसूली के लिए मैसर्स पांखी का अनुबंध रद्द करने और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांद की है। मैखुरी का कहना है कि मैसर्स पांखी द्वारा अखबारों में विज्ञापन दे कर उत्तराखंड सरकार के डेरी विकास विभाग में 350 संविदा पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।  
यह विज्ञापन, बेरोजगारों को उत्तराखंड सरकार के नाम का प्रयोग करते हुए ठगने का षड्यंत्र है। कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी किसी सरकारी विभाग में संविदा पर नियुक्ति नहीं दे सकती लेकिन मैसर्स पांखी द्वारा संविदा पर नियुक्ति देने का भ्रामक विज्ञापन जारी किया गया। बेरोजगारों को छलने के लिए ऐसा भ्रामक विज्ञापन जारी करने के लिए भी मैसर्स पांखी के विरुद्ध धोखाधड़ा का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
   चूंकि सिमली (जिला चमोली) दुग्ध संघ में कार्यरत मजदूरों एवं अन्य कार्मिकों ने मैसर्स पांखी द्वारा मांगी गयी तीस हजार की रकम देने में असमर्थता जाहिर की, इसलिए मैसर्स पांखी द्वारा 18 अक्टूबर को अपने मजदूर एवं कार्मिक सिमली दुग्ध संघ में ला कर पहले से कार्यरत मजदूरों को बाहर करने की सूचना है।
मैखूरी ने कहा कि  अवैध रूप से वसूले जा रहे तीस हजार रुपये न देने वालों को बाहर करने के मैसर्स पांखी के प्रयासों का हम पुरजोर विरोध करेंगे और इसके लिए आंदोलन भी करेंगे।

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