दून विवि की भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल

यूकेडी कार्यकर्ताओं ने विवि की कुलपति के मार्फत राज्यपाल के नाम प्रेषित किया ज्ञापन

  • नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को किया जा रहा नियुक्त
देहरादून । उत्तराखंड क्रांति दल ने दून विवि में हुई भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्होंने विवि की कुलपति सुरेखा डंगवाल के मार्फत राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। बृहस्पतिवार को यूकेडी नेता शिव प्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में कुलपति को ज्ञापन सौंपने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि विवि में हर बार हो रही भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ रही है। क्योंकि इस प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर रिक्त पदों पर चहेतों को नियुक्त किया जा रहा है। मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की जाए।
दल के संगठन मंत्री संजय बहुगुणा ने कहा कि पद विज्ञापित होने के बाद शैक्षिक योग्यता में परिवर्तन कर दिया गया। इसके लिए ना ही एक्जीक्यूटिव काउंसिल की अनुमति ली गई और ना ही शासन की। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने निजी एजेंसी से परीक्षा कराए जाने पर आपत्ति जताई। नरेश बौंठियाल ने कहा कि अलग-अलग पदों के लिए एक समान शैक्षिक योग्यता निर्धारित किया जाना ही भर्ती प्रक्रिया में धांधली की ओर इशारा करता है। इसके पीछे कहीं न कहीं अपने चहेतों को नियुक्त करने की साजिश है। अब तक विवि की नियमावली नहीं बनाए जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। ज्ञापन सौंपने वालों में यूकेडी नेता अरविंद बिष्ट, सरोज रावत आदि कार्यकर्ता शामिल रहे। उधर, विवि की कुलपति ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता से कराई जा रही है। जिन मामलों में आपत्ति जताई जा रही है उनकी अनुमति कार्य परिषद से ली जाएगी।

सुबह का भूला शाम को घर लौटा

सुबह का भूला शाम को घर लौटा’ वाली कहावत यूकेडी नेता पर चरितार्थ होती है। सप्ताह भर पहले यूकेडी की रीति-नीतियों के साथ ही शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाकर दल को अलविदा कहने वाले पूर्व महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने फिर दल की सदस्यता ले ली है। बताया जा रहा है कि उन्होंने स्वयं ही दोबारा दल को ज्वाइन करने की इच्छा शीर्ष नेतृत्व के समक्ष जताई है। कहा कि यूकेडी ही प्रदेश को विकास की राह पर अग्रसर कर सकता है। बृहस्पतिवार को दल के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने उन्हें दल की सदस्यता दिलाई। यह नहीं नाराजगी का दोहरा इनाम भी ध्यानी को मिला है। क्योंकि उन्हें यूकेडी में केंद्रीय महामंत्री के साथ सदस्यता अभियान समिति का प्रभारी भी बनाया गया है। इस दौरान दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रशेखर कापड़ी, किशन मेहता, ललित बिष्ट, बहादुर रावत, विजय बौड़ाई आदि भी उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.