- बोर्ड भंग होने की संभावनाएं हो रही हैं क्षीण
- बिल छपवाकर लोगों में बंटवाएगी सरकार
- महाराज ने कहा, हकीकत जानोगे तो करोगे तारीफ
महाराज ने कहा है कि बोर्ड बनने के बाद तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूकस्पष्ट किये गये हैं। यह पहली बार हुआ है कि उत्तराखंड में तीर्थ पुरोहितोंके अधिकारों को स्पष्ट ही नहीं किया गया बल्कि उनके अधिकारों को भीसुरक्षित किया गया है। महाराज ने कहा है कि इसको जब लोग समझेंगेतो इसकी सराहना करेंगे। उन्होंने हिमाचल का उदाहरण देते हुए कहा हैकि वहां भी वही स्थिति है। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह ने वहांसभी मंदिरों को श्राइन बोर्ड में शामिल किया। सरकार में नंबर दो कीहैसियत रखने वाले धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने यह भी कहा कि वोर्डबनाने की जरूरत क्यों पड़ी, इसके कारण समझना जरूरी है। उन्होंने