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सिंधुताई सपकाल बच्चों की मां

भीख से किताब तक का सफर: कुछ युवाओं ने बदल दी हजारों बच्चों की जिंदगी

कभी सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर रहे नन्हे हाथ आज किताब और पेंसिल थामे स्कूल की राह पर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि कुछ संवेदनशील युवाओं और समाजसेवियों की अथक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। बच्चों के भविष्य को संवारने की इस मुहिम ने साबित कर दिया है कि यदि समाज ठान ले, तो किसी भी…
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