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आलेख

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ :सामूहिक कर्म योग का प्रतीक

भारत का चिंतन, भारत में प्राचीन समय से आध्यात्मिकता पर आधारित जीवन,एकात्म और समग्र दृष्टिकोण को समाहित करते हुए सतत प्रगति के मार्ग पर संघर्षों मे विजय प्राप्त करते हुए नवनिर्माण की प्रगति पर अग्रसर है इस पथ पर 20वीं शताब्दी के वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक ने अपने चिंतन से विश्व के विशालतम…
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कुत्ते का नाखून और रेबीज: एक चेतावनी भरी सच्चाई

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार हाल ही में अहमदाबाद से एक दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जो पालतू जानवरों के प्रेमियों और आम लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस इंस्पेक्टर वनराज मंझरिया का निधन रेबीज के कारण हुआ, जो एक पालतू जर्मन शेफर्ड के नाखून के हल्के से खरोंचने से शुरू हुआ। यह घटना…
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एकात्म मानव दर्शन: क्या यही है आत्मनिर्भर भारत का असली आधार

डॉ रवि शरण दीक्षित भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा सदियों से दुनिया को मार्गदर्शन देती रही है। इसी धारा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित *एकात्म मानव दर्शन* आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। यह दर्शन केवल एक दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की दिशा में व्यावहारिक…
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संघ का नया चुनावी उद्घोष — घुसपैठियों का खतरा!

आलेख : राजेंद्र शर्मा ''राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे'' के लबादे में, वास्तव में चुनावी द्वंद्व की अपनी इस प्रस्तुति में, प्रधानमंत्री मोदी अति-नाटकीयता का छोंक लगाना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा, ''मैं (विरोधी) राजनीतिज्ञों से कहना चाहता हूं कि मैंने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है...लिखकर…
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भूले-बिसरे सभी पितरों का श्राद्ध होता है पितृ विसर्जन पर!

डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट अपने पितरों का पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण के लिए सबसे उत्तम समय पितृ विसर्जन अमावस्या है। आश्विन मास की अमावस्या तिथि 21 सितंबर 2025 को रात 12 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होकर 22 सितंबर 2025 को देर रात 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। पंचांग के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या रविवार, 21…
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GST के ‘दीवाली गिफ़्ट’ की सच्चाई : पूरा गणित समझिए

आलेख : प्रभात पटनायक, अनुवादक : राजेंद्र शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण उम्मीद के मुताबिक सफेद झूठों से भरा हुआ था। झूठी शेखी, मिसाल के तौर पर उन्होंने इसका दावा किया कि भाजपा के राज में विनिर्माण के क्षेत्र ने बहुत बड़े डग भरे हैं, जबकि सचाई यह है कि पिछले दस साल में…
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सावरकर – मिथक और वास्तविकता

आलेख : सवेरा, अनुवाद : संजय पराते इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक पोस्ट ने पूरे देश में आक्रोश और घृणा की लहर पैदा कर दी। 'स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना' शीर्षक के अंतर्गत, इसमें चार चेहरे दिखाए गए थे -- वी. डी. सावरकर, महात्मा…
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भागवत, एक तेरा ही सहारा!

 राजेंद्र शर्मा मोदी जी जैसा विपक्ष रामजी किसी दुश्मन को भी नहीं दें। बताइए, मोदी जी की फोटो देखते ही, इनके पेट में दर्द होने लगता है। अब मोदी जी ने देश को जीएसटी वाला गिफ्ट दिया है या नहीं? गिफ्ट भी सुनते हैं कि डबल-डबल है। और सबसे बड़ी बात यह कि मोदी जी ने गिफ्ट त्योहार के बड़े वाले सीजन…
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दक्षिणपंथी-दक्षिणपंथी भाई-भाई : जावेद अख्तर से कौन डरता है?

आलेख : सुभाष गाताड़े, अनुवाद : संजय पराते हिंदू और मुस्लिम वर्चस्ववादियों के बीच 'उद्देश्य की एकता' देखी गई है, जो खुद को 'अपने समुदाय' का एकमात्र प्रवक्ता मानते हैं।¹ "धर्मनिष्ठ व्यक्ति मुझे काफ़िर समझता है, और काफ़िर सोचता है, (मैं) मुसलमान हूँ/ काफ़िर सोचता है कि मैं संत हूँ, और संत…
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घर में जंची कॉपी, तब भी हुए फेल

बादल सरोज आर एस एस के शताब्दी वर्ष आयोजन में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में राजधानी में दो प्रमुख कार्यक्रम हुए। इसमें अंतिम सप्ताह में, 26 से 28 अगस्त को हुये तीन दिनी ‘संवाद’ को ठीक-ठाक से सजा-संवार कर पोसा और परोसा गया। फेसिअल से लेकर ब्लीचिंग, फाउंडेशन से लेकर टचिंग तक रूप सज्जा के हर चरण को…
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