उत्तराखंड में सहकारिता तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रदेश के तीन जनपदों में नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही राज्यभर में 55 नई बैंक शाखाएं भी खोली जाएंगी, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास से राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक वर्चुअल माध्यम से ली। इस बैठक में राज्य सहकारी बैंक के अधिकारी और सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधक मौजूद रहे, जबकि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सहायक निबंधक भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना और नई शाखाओं के खुलने की योजना तैयार की गई है।
डॉ. रावत ने कहा कि इन नई बैंक शाखाओं के खुलने से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे किसानों, स्वयं सहायता समूहों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों को आर्थिक गतिविधियों में आसानी होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित बैंक शाखाओं की स्थापना से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
सहकारिता मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सहकारिता तंत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आने वाले समय में सहकारी संस्थाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाएं भी लागू की जाएंगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों से प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी और आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।