देहरादून। नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर अपनी प्रमुख मांगों को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से सीनियरिटी के आधार पर भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग पर जोर दिया।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ पिछले 79 दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहा है। बावजूद इसके, अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे नर्सिंग कर्मियों की वरिष्ठता को नजरअंदाज कर नई भर्तियां किए जाने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
प्रतिनिधिमंडल ने कोश्यारी को अवगत कराया कि सीनियरिटी की अनदेखी न केवल कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि अनुभवी नर्सिंग कर्मियों को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य व्यवस्था के हित में है।
इस दौरान नर्सिंग एकता मंच के सदस्यों ने सरकार से संवाद की प्रक्रिया तेज करने और भर्ती नीति में पारदर्शिता लाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
मुलाकात के दौरान भगत सिंह कोश्यारी ने नर्सिंग समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और संकट की घड़ी में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उचित स्तर पर उठाया जाएगा और समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
इस मुलाकात के बाद नर्सिंग कर्मियों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई होगी।