देहरादून। प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान व्यापक जनभागीदारी के साथ नई मिसाल कायम कर रहा है। यह पहल सरकार को सीधे आम नागरिकों के घर-द्वार तक ले जाकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रही है।
प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक 630 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में 4,92,395 से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज कराए। केवल आज आयोजित 8 कैंपों में ही 8,372 लोगों की सहभागिता दर्ज की गई, जो अभियान के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है।
शिकायत निवारण के मामले में भी प्रशासन ने उल्लेखनीय गति दिखाई है। अब तक कुल 48,093 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32,282 का निस्तारण मौके पर या त्वरित कार्रवाई के माध्यम से किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम कर रहा है।
प्रमाण पत्रों और योजनाओं के लाभ वितरण में भी अभियान प्रभावी रहा है। विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए 68,983 आवेदन मिले हैं, जबकि 2,74,069 नागरिकों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। केवल आज ही 5,014 लोगों को योजनाओं का लाभ मिला। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है, जिन्हें अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और चमोली समेत सभी जिलों में कैंपों के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
यह अभियान न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को भी सुदृढ़ कर रहा है।