देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति-निर्माण को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (भीष्म)’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल **गुरमीत सिंह** ने मंच का लोगो और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की।
‘भीष्म’ एक रणनीतिक थिंक टैंक के रूप में स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य देहरादून में उपलब्ध बौद्धिक और सामरिक विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक विमर्श के अग्रणी केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस मंच की संस्थापक टीम का नेतृत्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ **जनरल अनिल चौहान** कर रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह (सेनि) सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ जुड़े हैं। कार्यक्रम में मध्य कमान (लखनऊ) के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजीव चोपड़ा ने भी अपने विचार साझा किए।
राज्यपाल ने कहा कि दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में ‘भीष्म’ मंच राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और रणनीतिक नीति से जुड़े विषयों पर गंभीर और समावेशी संवाद को बढ़ावा देगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जनरल अनिल चौहान ने “फ्रंटियर्स, बॉर्डर्स एंड एलएसी: द मिडिल सेक्टर” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने हिमालयी सीमाओं के बढ़ते सामरिक महत्व, अवसंरचना विकास और जलवायु परिवर्तन, जल सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण तथा आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर हिमालयी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र धामों की भूमि उत्तराखंड में स्थापित यह मंच भू-रणनीतिक चिंतन को नई ऊंचाई देगा। ‘भीष्म’ से उपजा विमर्श राष्ट्रीय स्तर पर दूरगामी प्रभाव डालेगा।