देहरादून। सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 95वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 30 सितंबर तक राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता क्षेत्र में अब तक 58 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।
बैठक के दौरान सचिव ने उन जनपदों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जहां सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो कम है। उन्होंने संबंधित जिलों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाकर सीडी रेशियो बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि जमा राशि के अनुपात में ऋण वितरण बेहतर हो सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
सचिव ने डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बैंकों और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने तथा आम जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इसके लिए आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि लोग सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक हो सकें।
बैठक में अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने भरोसा जताया कि समन्वित प्रयासों से राज्य में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।