नई दिल्ली/देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति में संगठनात्मक फेरबदल के तहत डॉक्टर हरीश पाल को कुमाऊं मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति समिति के मुख्य संरक्षक धीरेन्द्र प्रताप द्वारा की गई, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
धीरेन्द्र प्रताप ने डॉक्टर हरीश पाल को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी 15 दिनों के भीतर पूरे कुमाऊं मंडल में संगठनात्मक ढांचा तैयार कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व में समिति को मजबूती मिलेगी और राज्य आंदोलनकारियों की आवाज और प्रभावी ढंग से उठाई जाएगी।
इस अवसर पर प्रताप ने राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 के अवसर पर आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक उस घोषणा को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, कई आंदोलनकारियों को पिछले तीन महीनों से पुरानी पेंशन भी प्राप्त नहीं हुई है।
समिति ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रताप ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री मुख्य सचिव को निर्देश दें ताकि पेंशन वितरण में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को शीघ्र दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
डॉक्टर हरीश पाल की नियुक्ति को कुमाऊं मंडल में संगठन को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति का कहना है कि आंदोलनकारियों के हितों की रक्षा और लंबित मांगों के समाधान के लिए संगठन स्तर पर सक्रिय प्रयास किए जाएंगे।