देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित चार दिवसीय **उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026** केवल एक सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, कौशल और आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह दिखाया कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर महिलाएँ किस तरह आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिख सकती हैं।
सेवा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में विकासखंड रायपुर की **दुर्गा स्वयं सहायता समूह** से जुड़ी महिलाओं को हिलांस कैंटीन के माध्यम से किचन और भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह जिम्मेदारी उनके लिए अपने कौशल को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई।
महिला समूह ने पारंपरिक, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार कर कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की सराहना मुख्यमंत्री, मुख्य अतिथि और जिला प्रशासन द्वारा भी की गई। इस सहभागिता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देहरादून जिला प्रशासन द्वारा हिलांस कैंटीन को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से **कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चूपानी और आईएसबीटी** जैसे प्रमुख स्थानों पर ‘हिलांस कैंटीन-कम-किचन’ के संचालन की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी गई है।
दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य शिवानी थापा ने सेवा संकल्प फाउंडेशन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बड़े आयोजनों में काम करने से न केवल आत्मबल बढ़ता है, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर भी मिलता है।
खंड विकास अधिकारी रायपुर अपर्णा बहुगुणा ने बताया कि समूह की महिलाएँ कोरोनेशन अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही रायपुर ब्लॉक में बेकरी यूनिट का संचालन भी महिला समूह द्वारा किया जा रहा है। इन प्रयासों से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिल रही है।