रायपुर के स्कूलों में बाल अधिकारों की पाठशाला: 230 बच्चों को मिला सुरक्षा और कानून का ज्ञान

देहरादून। जनपद देहरादून में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई/जिला प्रोबेशन कार्यालय देहरादून एवं महिला कल्याण विभाग, उत्तराखंड द्वारा शुक्रवार को रायपुर क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में यह अभियान आयोजित किया गया।

यह अभियान राजकीय इंटर कॉलेज रायपुर, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रायपुर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ को भी बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

जागरूकता सत्र में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015, पोक्सो अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह प्रतिषेध कानून, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, अनाथ प्रमाण पत्र, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण विनियम 2022, बाल कल्याण समिति तथा किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही विधवा पेंशन योजना और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अत्यंत संवेदनशील विषयों जैसे गुड टच और बैड टच के बारे में भी सरल भाषा में समझाया गया।

कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संरक्षण अधिकारी सम्पूर्णा भट्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता कविता पाण्डेय ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें उनके अधिकारों, आत्म-सुरक्षा के उपायों और संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी। वक्ताओं ने बच्चों को यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में वे निडर होकर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस जागरूकता अभियान में रायपुर क्षेत्र के तीनों विद्यालयों के लगभग 230 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बनाना रहा, जिसे उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सराहा और ऐसे अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

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