जाम से निजात की तैयारी: रुद्रप्रयाग में ₹7 करोड़ की पार्किंग परियोजना का स्थलीय निरीक्षण

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव जनपद रुद्रप्रयाग में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निर्माणाधीन मल्टी लेवल पार्किंग परियोजना पर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

जनपद भ्रमण के दौरान प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग एवं आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार क्षेत्र में पुनाड गदेरे के समीप निर्माणाधीन मल्टी लेवल पार्किंग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सीधे आमजन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी है, इसलिए पारदर्शिता, मजबूती और समयबद्धता तीनों सुनिश्चित होनी चाहिए।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण से रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार क्षेत्र में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी सुगम यातायात व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है और केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष यहां से होकर गुजरते हैं। ऐसे में मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण से शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम होगा और चारधाम यात्रियों को सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध हो सकेगी।

इस परियोजना के लिए शासन से कुल ₹7 करोड़ 9 लाख 74 हजार की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से प्रथम चरण में ₹2.84 करोड़ की धनराशि जारी की जा चुकी है। प्रशासन का मानना है कि परियोजना के पूर्ण होने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के अंत में प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

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