2047 तक विकसित भारत और देवभूमि उत्तराखंड: मुख्यमंत्री ने साझा किए प्रेरक संकल्प

देहरादून।
मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि यह अवसर हमें उनके सपनों को साकार करने और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री **नरेन्द्र मोदी** के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ **उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य** बनाने में राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने **जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार** कार्यक्रम के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया है और यह प्रयास सामाजिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

धामी ने बताया कि राज्य में **समान नागरिक संहिता लागू** की गई है और तीर्थाटन स्थलों पर सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। चारधाम यात्रा सहित धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन एवं शीतकालीन यात्रा जैसी पहल की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधारों का जिक्र किया। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड को छोटे राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने रोजगार सृजन की दिशा में पिछले चार वर्षों में 27 हजार से अधिक नियुक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है।

धामी ने राज्य में कठोर नकल-विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकथाम, अतिक्रमण रोधी कार्रवाई और भूमि विवादों के त्वरित समाधान जैसी प्रभावी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति को सम्मान देने और समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संविधान के आदर्शों को साकार करने और उत्तराखंड को विकास और सुरक्षा के मार्ग पर अग्रसर करने का अवसर है।

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