एलओसी के पास गूंजेगी अब स्थानीय आवाज: राजौरी में शुरू हुआ पहला सामुदायिक रेडियो ‘रेडियो संगम

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप पहला सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित किया गया है। ‘रेडियो संगम’ नामक यह स्टेशन सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए सूचना, संवाद और जागरूकता का एक नया मंच बनकर उभरा है। इस पहल से न केवल स्थानीय समुदाय को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, बल्कि सीमा पार से फैलने वाली अफवाहों और दुष्प्रचार का भी प्रभावी मुकाबला किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से एलओसी से लगभग एक किलोमीटर दूर केरी गांव में इस रेडियो स्टेशन की स्थापना की है। नियंत्रण रेखा के पास स्थापित यह पहला सामुदायिक रेडियो स्टेशन है, जिसे रणनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘रेडियो संगम’ का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक प्रामाणिक, भरोसेमंद और समय पर जानकारी पहुंचाना है। यह रेडियो स्टेशन स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियों को सरल भाषा में प्रसारित करेगा। साथ ही, यह स्थानीय प्रतिभाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी मंच प्रदान करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि इसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि रेडियो संगम का प्रसारण नियंत्रण रेखा के पार के कुछ इलाकों में भी सुना जा सकता है। ऐसे में यह स्टेशन सीमा पार से होने वाले दुष्प्रचार के खिलाफ एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य करेगा और सही तथ्यों को सामने लाने में मदद करेगा।

रेडियो स्टेशन का औपचारिक उद्घाटन राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि ‘रेडियो संगम’ जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देगा। यह प्रशासन और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच संवाद को मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों की आवाज को नई पहचान देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल केवल सूचना प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सहभागिता और सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ाएगी। कुल मिलाकर, ‘रेडियो संगम’ सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक भरोसेमंद सूचना केंद्र और संवाद का सशक्त माध्यम साबित होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.