West Bengal Election 2026: अंतिम चरण का रण, 142 सीटों पर ‘करो या मरो’ की जंग
बंगाल के अंतिम चरण में भारी वोटिंग जारी। PM Modi, Kharge की अपील और CM Mamata की सक्रियता के बीच 2,300 सुरक्षा कंपनियों की निगरानी में लोकतंत्र का महापर्व।
आशीष सिंह, कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के भविष्य के लिए आज निर्णायक रण का आगाज हो चुका है विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर सुबह से ही मतदान जारी है, जहां कोलकाता समेत सात जिलों के पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की भारी भीड़ लोकतंत्र के इस उत्सव में अपनी हिस्सेदारी दर्ज करा रही है।

सत्ता के गलियारों के लिए यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण बंगाल के जिन इलाकों में आज वोटिंग हो रही है, वे पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का अभेद्य किला रहे हैं। भाजपा इस बार इसी किले में सेंध लगाकर सत्ता तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करने की कोशिश में जुटी है। सुरक्षा की दृष्टि से निर्वाचन आयोग ने कड़े प्रबंध किए हैं ताकि मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण संपन्न हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से भारी संख्या में मतदान करने का आह्वान करते हुए विशेषकर युवाओं और महिलाओं से लोकतंत्र को मजबूती देने की अपील की है। उन्होंने इस चुनाव को एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव रखने का अवसर करार दिया। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही हैं; वे अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर के विभिन्न केंद्रों का लगातार दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। गौरतलब है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी से कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसने इस मुकाबले को राज्य की सबसे दिलचस्प जंग बना दिया है। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रदेश की जनता से बिना किसी भय के प्रगतिशील मूल्यों और विकास के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया है।
इस चुनावी संग्राम में दावों और प्रतिदावों का दौर अपने चरम पर है। जहां भाजपा इसे सत्ता विरोधी लहर का परिणाम बताते हुए जनता के मन में बदलाव की बात कह रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस अपनी लोक कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता के दम पर जीत की हैट्रिक लगाने के प्रति आश्वस्त है। कांग्रेस और वामपंथी दल भी खुद को एक सशक्त विकल्प के रूप में पेश कर अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। पहले चरण में बंगाल ने 93.19 प्रतिशत मतदान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया था, और आज भी वैसी ही उत्साहजनक भागीदारी की उम्मीद की जा रही है। मतदाताओं का यह जोश साफ करता है कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन या निरंतरता का नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला है। शाम 6 बजे तक ईवीएम में कैद होने वाली जनता की यह आवाज 4 मई को परिणाम के रूप में सबके सामने आएगी।