पटना। बिहार में नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों के लिए आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह उस समय विवादों में आ गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा ने वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित किया गया था, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इनमें 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सक शामिल हैं। समारोह के दौरान 10 चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जबकि शेष चिकित्सकों को ऑनलाइन माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए गए।
इसी क्रम में जब नवनियुक्त चिकित्सक नुसरत परवीन मंच पर पहुंचीं, तो उन्होंने चेहरे पर हिजाब पहन रखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” और इसके बाद उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस अचानक हुई घटना से चिकित्सक असहज और घबराई हुई नजर आईं। मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत उन्हें मंच से अलग कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने का प्रयास करते हुए उनकी आस्तीन खींचते हुए दिखाई दिए।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे लेकर मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने वीडियो को अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा करते हुए इसे मुख्यमंत्री की कार्यशैली और मानसिक स्थिति से जोड़ने की कोशिश की है। राजद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह क्या हो गया है नीतीश जी को?” पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।
वहीं, सत्तापक्ष की ओर से इस पूरे मामले पर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मर्यादा और संवेदनशीलता को लेकर बहस को तेज कर दिया है।