सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी शहर में सोमवार को उस समय अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जब विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग शहर से होकर गुजरा। इस खबर के फैलते ही श्रद्धा, भक्ति और जिज्ञासा का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर एकत्र हो गए और विशाल शिवलिंग के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
जानकारी के अनुसार, यह शिवलिंग करीब 2 लाख 10 हजार किलो वजनी है और इसे एक ही विशाल पत्थर से तराशा गया है। इसकी ऊंचाई लगभग 33 फीट है, जो तीन मंजिला इमारत के बराबर मानी जा रही है। शिवलिंग की सबसे खास विशेषता यह है कि इसमें 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जो इसे आध्यात्मिक और कलात्मक दृष्टि से अत्यंत अद्भुत बनाते हैं।
यह भव्य शिवलिंग तमिलनाडु के प्रसिद्ध शिल्प केंद्र महाबलीपुरम जिले में तैयार किया गया है। इसे बिहार के चंपारण जिले के जानकीनगर में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाना है। शिवलिंग को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 106 चक्का वाले विशेष ट्रक का उपयोग किया जा रहा है। करीब 2316 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने के दौरान मार्ग में आने वाले पुल-पुलियों और सड़कों की पहले से विशेष जांच कर उन्हें मजबूत किया गया, ताकि यह ऐतिहासिक यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी हो सके।
सोमवार दोपहर शिवलिंग के सिवनी पहुंचते ही माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने फूल अर्पित किए, पूजा-अर्चना की और इसे अत्यंत पवित्र बताया। लोगों का कहना है कि विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने के बाद यह शिवलिंग न केवल मंदिर की भव्यता बढ़ाएगा, बल्कि रामायण काल की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।
इस विशाल परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रहे ट्रक चालक आलोक सिंह ने बताया कि इतने भारी और बड़े शिवलिंग को ले जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि रास्ते में पुलों और सड़कों को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है, लेकिन भोलेनाथ की कृपा से अब तक यात्रा सुरक्षित रही है। शिवलिंग मंगलवार को अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना होगा।