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दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे द्वारा वार्षिक घूम फेस्टिवल के तहत तीन दिवसीय कार्सियांग स्टेशन महोत्सव का आयोजन

मालीगांव (गुवाहाटी)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के अधीन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) ने घूम फेस्टिवल के तहत ऐतिहासिक कर्सियांग रेलवे स्टेशन पर एक जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध तीन दिवसीय स्टेशन महोत्सव का आयोजन किया। इस इवेंट में संगीत, कविता, कला और समुदाय की उत्साही भागीदारी के जरिये पहाड़ियों की कलात्मक चमक दिखाई गई। इससे डीएचआर रूट पर विरासत जागरूकता और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की प्रतिबद्धता भी मजबूत हुई है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने इसे एक नई सांस्कृतिक पहल निरूपित करते हुए बताया कि यह आयोजन डीएचआर ने कर्सियांग और आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में ओपन माइक कल्चर को लाने के लिए देश भर में ख्याति प्राप्त क्रिएटिव ग्रुप पोएट्स ऑफ़ कम्युनिटी के साथ मिलकर किया। इस नई साझेदारी ने स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान किया और पहाड़ी समुदायों को देश भर के समकालीन आर्टिस्टिक मूवमेंट से जुड़ने में सहयोग किया।

यह महोत्सव 2 दिसंबर, 2025 को दो शानदार सत्रों के साथ शुरू हुआ। स्थानीय कलाकारों के लिए ओपन माइक में कार्सियांग और आस-पास के इलाकों के जोशीले युवाओं ने कविता, संगीत, कहानी सुनाना और स्टैंड-अप परफॉर्मेंस पेश कीं और अपनी क्रिएटिविटी और कॉन्फिडेंस से दर्शकों का मन मोह लिया। संध्याकालीन क्यूरेटेड शोकेस में भारत और विदेश से बुलाए गए कलाकार शामिल हुए, जो अलग-अलग भाषाओं, स्टाइल और कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ आए थे। उनलोगों के परफॉर्मेंस ने समारोह को एक वैश्विक आयाम दिया, जिससे कार्सियांग रेलवे स्टेशन एक जीवंत और आकर्षक सांस्कृतिक मंच बन गया।
उत्साहवर्द्धन कार्यक्रम को जारी रखते हुए, इस महोत्सव में स्कूली बच्चों के लिए दिलचस्प प्रतियोगिताएं हुई, जिसमें निबंध, पेंटिंग और कविता शामिल थे। बच्चों ने पूरे जोश के साथ इसमें हिस्सा लिया, जिससे कार्सियांग की युवा पीढ़ी की रचनात्मक और सांस्कृतिक समृद्धि सामने आई। महोत्सव के आखिरी दिन एक हाई एनर्जी म्यूज़िक फेस्टिवल हुआ, जिसमें पहाड़ों के अलग-अलग हिस्सों से आए म्यूज़िशियन और बैंड ने स्टेशन में रिदम, जोश और कम्युनिटी स्पिरिट भर दी। इसके बाद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
यह सफल कार्सियांग स्टेशन महोत्सव, एनएफआर की विरासत को आज के सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के साथ मिश्रण कर चल रहे प्रयासों में एक अहम पड़ाव है, जो मशहूर डीएचआर को पहाड़ी समुदायों के लिए एक गतिशील सांस्कृतिक केंद्र में बदल रहा है। डीएचआर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह महोत्सव ऐतिहासिक डीएचआर कॉरिडोर पर सामुदायिक सहभागिता, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को बढ़ावा देने में एनएफआर की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभाता है।

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