राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एएनएम और एमपीडब्ल्यू के कुल 48 नए पद सृजित कर दिए हैं। विभागीय मंत्री **डॉ. धन सिंह रावत** ने इन सभी पदों को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों में लंबे समय से चल रही स्टाफ की कमी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
नवसृजित पदों में एएनएम के 24 पद और एमपीडब्ल्यू के 24 पद शामिल हैं। इनमें एमपीडब्ल्यू के पद आउटसोर्स के तहत रखे जाएंगे, जबकि एएनएम की भर्ती सीधी नियुक्ति से की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन पदों पर तैनाती होने से न सिर्फ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी, बल्कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लगातार प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पहले से स्थापित 15 स्वास्थ्य उपकेंद्रों और हाल ही में प्रस्तावित 8 नए उपकेंद्रों के लिए भी 23-23 पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, उत्तरकाशी जिले के नौगांव विकासखंड स्थित कंसेरू स्वास्थ्य उपकेंद्र में भी आईपीएचएस मानकों के अनुसार एएनएम और एमपीडब्ल्यू के 1-1 अतिरिक्त पद स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि बहुत जल्द इन सभी पदों पर तैनाती प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी। उनके अनुसार, इससे आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। खासकर टीकाकरण अभियान, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य निगरानी** में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव और कस्बे में स्वास्थ्य उपकेंद्र पूरी क्षमता के साथ कार्य करें, ताकि लोगों को उपचार के लिए दूर न जाना पड़े। नए पदों के सृजन से स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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