क्या होता है पैरा लीगल वॉलिंटियर? जिला जज ने दिए प्रमाणपत्र, महिला सशक्तिकरण में नई पहल

रुड़की। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय सुलभ कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की ओर से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त ने पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (अधिकार मित्र) को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इसी क्रम में रुड़की निवासी तथा राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य रश्मि चौधरी को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिला जज ने उपस्थित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि पैरा लीगल वॉलिंटियर न्यायपालिका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका दायित्व है कि वे उन लोगों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करें जो आर्थिक, सामाजिक या अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धन और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता दिलाना इन वॉलिंटियर्स की प्रमुख जिम्मेदारी है।

प्रमाणपत्र मिलने पर रश्मि चौधरी ने कहा कि वे महिलाओं, बालिकाओं और कमजोर वर्गों को सक्षम कानूनी सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और महिला अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँगे। साथ ही सोशल मीडिया—जैसे व्हाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम—का सुरक्षित और समझदारी से उपयोग करने के लिए भी लोगों को मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।

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