पटना में आज एक ऐतिहासिक क्षण दोहराया जाने वाला है। “**मैं, नीतीश कुमार, ईश्वर की शपथ लेता हूं…**” यह वाक्य गुरुवार को एक बार फिर गांधी मैदान की गूंज बनकर सुनेगा। बिहार की राजनीति में स्थिरता के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले नीतीश कुमार **दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ** लेने जा रहे हैं। इस अवसर पर पटना समेत पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल बेहद सक्रिय हो गया है, वहीं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है।
शपथ ग्रहण से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिहारवासियों के लिए शुभकामनाएं संदेश जारी किया। संदेश में कहा गया कि यह पल राज्य के विकास, जनता के विश्वास और एक नए आत्मविश्वास का प्रतीक है। जदयू ने नीतीश कुमार की प्रतिष्ठित शपथ की पंक्ति — “मैं, नीतीश कुमार, ईश्वर की शपथ लेता हूं…” — को करोड़ों लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं से जोड़ते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
गांधी मैदान में होने वाला यह समारोह राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि नीतीश कुमार एक बार फिर राज्य की बागडोर संभालने जा रहे हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के शीर्ष नेता, केन्द्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न दलों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि शामिल होने की संभावना है।
शपथ के साथ ही बिहार में नए मंत्रिमंडल गठन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए मंत्रियों की नियुक्ति तय की जाएगी। यह अध्याय नीतीश कुमार की लंबी राजनीतिक यात्रा में एक और महत्वपूर्ण जोड़ होगा।