नेपाल में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ने लगा है। छह से अधिक जेन जी समूहों ने गृह मंत्री ओमप्रकाश अर्याल के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। युवा संगठनों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे पूरे देश में अरेस्ट मी कैंपेन शुरू करेंगे।
जेन जी समूहों का आरोप है कि गृह मंत्री ने उनकी मांगों पर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके साथ ही सितंबर में हुए विद्रोह में शामिल युवाओं को गिरफ्तार कर माहौल को जानबूझकर तनावपूर्ण बनाया गया। कई दिनों से लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे यह समूह अब और आक्रामक रुख में दिखाई दे रहे हैं।
बारा जिले में जेन जी के शांतिपूर्ण कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा ने इस विवाद को और गहरा कर दिया। आंदोलन के अगुवा और ‘हामी नेपाल’ के संस्थापक **सुदन गुरुड** ने आरोप लगाया कि बारा जिला संयोजक सम्राट उपाध्याय के नेतृत्व में चल रहे कार्यक्रम में एमाले समर्थित समूह ने घुसकर युवाओं के साथ मारपीट की। उनका दावा है कि गृहमंत्री ने हमला करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जेन जी युवाओं को गिरफ्तार कराने का आदेश दिया।
सोशल मीडिया पर लिखे बयान में गुरुड ने कहा कि गृहमंत्री की देरी, असमर्थता और उदासीनता के कारण ही आज हालात बिगड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में बहा खून और युवाओं के बलिदान को सरकार ने भुला दिया है।
एक अन्य जेन जी नेता **रक्षा बम** ने चेतावनी दी कि यदि गृहमंत्री इस्तीफा नहीं देते और भ्रष्टाचारियों या हमलावरों पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो वह पूरे देश में **‘मुझे भी गिरफ्तार करो’** अभियान शुरू कर देंगी। वहीं जेन जी नेता **मिराज ढुंगाना** ने कहा कि यदि सरकार चुप रही तो यह आंदोलन ज्वालामुखी बनकर फूटेगा।
उधर, बारा जिले के **सिमरा क्षेत्र** में बुधवार को जेन जी युवाओं और एमाले समर्थकों के बीच झड़प के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। युवाओं ने कहा कि यदि सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो देशव्यापी विरोध निश्चित है।
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