रुड़की। बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM (मजलिस) की ऐतिहासिक सफलता का उत्साह उत्तराखंड तक पहुंच गया है। चुनाव परिणामों में पार्टी को मिली प्रचंड जीत के बाद शनिवार को मजलिस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रुड़की स्थित कैम्प कार्यालय पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नैय्यर काज़मी का फूलमालाओं से गर्मजोशी भरा स्वागत किया। कार्यालय परिसर में ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का जश्न मनाया गया।
इस अवसर पर डॉ. काज़मी ने कहा कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र में मजलिस ने सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया और जनता ने पांच सीटों पर भारी बहुमत से पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि यह जनसमर्थन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरीस्टर असदुद्दीन ओवैसी की ईमानदार और बेदाग छवि का परिणाम है। जनता ने मजलिस को विकास और अधिकार की राजनीति के प्रतीक के रूप में स्वीकार किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी को केवल मुस्लिम मतदाताओं का ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में हिन्दू समुदाय का भी समर्थन मिला, जो एक सकारात्मक संकेत है। सीमांचल के मतदाताओं ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास और स्थानीय मुद्दों के आधार पर मतदान किया।
डॉ. काज़मी ने कहा कि बिहार में मिली इस शानदार जीत ने मजलिस को नई दिशा प्रदान की है और अब पार्टी उत्तराखंड, बंगाल और तमिलनाडु में अपने जनाधार को मजबूत करने की तैयारी में है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार के प्रदर्शन का असर राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिलेगा।
जश्न के दौरान जिलाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल वाजिद, मौलाना मोहम्मद आज़ाद, प्रधान मोहम्मद उस्मान, जुल्फिकार ठेकेदार, हाजी महबूब कुरैशी, गफ्फार अंसारी, अबरार कलियर अध्यक्ष, मोहम्मद सलमान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने डॉ. काज़मी को पार्टी की बड़ी सफलता पर बधाई दी और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।