पूसीरे और आईआईटी गुवाहाटी ने विकसित किया एआई आधारित वैगन डोर लॉक मॉनिटरिंग सिस्टम

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) और आईआईटी,गुवाहाटी टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (आईआईटीजी टीआईडीएफ) के बीच महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति हुई है। इस सिलसिले में गुरुवार को यहां पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय,मालीगांव स्थित महाप्रबंधक सम्मेलन कक्ष में एक तकनीकी प्रस्तुति आयोजित की गई। आईआईटीजी टीआईडीएफ की विशेषज्ञ टीम ने अपनी उन्नत एआई आधारित निगरानी प्रणाली ‘दृष्टि’ (DRISHTI) – का प्रदर्शन किया। यह एक एआई आधारित लॉकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो मालगाड़ियों के डिब्बों के लिए विकसित किया गया है। यह प्रस्तुति 19 नवंबर, 2024 को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और आईआईटी गुवाहाटी के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत आयोजित की गई है। इसके तहत उच्च गति इमेजिंग, कंप्यूटर विज़न और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर बुद्धिमान निगरानी समाधान विकसित करने के उद्देश्य से एक प्रोटोटाइप मॉडल प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक सहित जोन के कई प्रमुख विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। बैठक के दौरान एआई आधारित निगरानी प्रणाली को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के माल नेटवर्क में एकीकृत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि उन्नत एआई आधारित निगरानी प्रणाली का विकास चलती मालगाड़ियों में अनलॉक या छेड़छाड़ किए गए दरवाजों की पहचान में आने वाली परिचालन चुनौतियों का समाधान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि ये सुरक्षा और संरक्षा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। पारंपरिक मैनुअल जांच प्रक्रिया समय-साध्य होती है और लंबी दूरी की गाड़ियों के लिए व्यावहारिक नहीं है।
आईआईटीजी और पूसीरे की संयुक्त टीम ने एक बुद्धिमान, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग समाधान की आवश्यकता को पहचाना, जो दरवाजों के लॉकिंग मैकेनिज्म में किसी भी असामान्यता का स्वतः पता लगा सके और उसकी चेतावनी दे सके, विशेषकर ट्रेन के संचालन के दौरान, जिसमें उन्नत कंप्यूटर विज़न और मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग किया जाता है।

‘दृष्टि’ (DRISHTI) नामक यह एआई आधारित निगरानी और लॉकिंग कंडीशन मॉनिटरिंग प्रणाली पारदर्शिता, दृश्यता और तकनीकी आश्वासन को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रणाली दरवाजों की लॉक स्थिति पर वास्तविक समय में अद्यतन जानकारी प्रदान करने, किसी भी असामान्य घटना या छेड़छाड़ का पता लगाने तथा स्वचालित डेटा-आधारित अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे सामान्य ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं होता। उन्नत विश्लेषण और इमेजिंग तकनीक को एकीकृत कर यह प्रणाली डिब्बों की सीलिंग की अखंडता को मजबूत करने, विश्वसनीयता बढ़ाने और मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करने का लक्ष्य रखती है।

इस दौरान आईआईटी गुवाहाटी ने उस प्रोटोटाइप प्रणाली का प्रदर्शन किया जो पिछले लगभग दस महीनों से चयनित डिब्बों पर सफलतापूर्वक परीक्षणाधीन है। यह प्रणाली एआई-संचालित कैमरा और सेंसरों को रणनीतिक स्थानों पर स्थापित कर दरवाजों की स्थिति और लॉकिंग कंडीशन का वास्तविक समय में विश्लेषण करती है। प्रारंभिक परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं, जिससे इस स्वदेशी नवाचार की संभावनाएं प्रमाणित हुई हैं। भविष्य में इसके और अधिक परिष्करण एवं एनएफआर नेटवर्क में व्यापक उपयोग के लिए विस्तार की योजना बनाई जा रही है ताकि रोलिंग स्टॉक की सुरक्षा और परिचालन विश्वसनीयता को और सशक्त बनाया जा सके।

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