असम में ब्रह्मपुत्र किनारे नई रणनीतिक चौकी: लाचित बरफुकन स्टेशन से दुश्मन की हरकतों पर रहेगी पैनी नजर
सत्यनारायण मिश्र
गुवाहाटी। भारतीय सेना ने चीन और बांग्लादेश से सटे ब्रह्मपुत्र नद के तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्वी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने गजराज कोर का दौरा करते हुए धुबड़ी में लाचित बरफुकन सैन्य स्टेशन की आधारशिला रखी। असम के महान अहोम सेनानायक लाचित बरफुकन के नाम पर स्थापित यह स्टेशन पूर्वोत्तर की सीमा रक्षा में नया अध्याय जोड़ेगा।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह स्टेशन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे सेना की त्वरित तैनाती इकाइयां सीमा तक तेजी से पहुंच सकेंगी। पहले चरण में ब्रह्मपुत्र से लगी बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए ड्रोन यूनिट और नाइट विजन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने मैदान में ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया। गजराज कोर ने रिपोर्ट पेश की कि पिछले छह महीनों में घुसपैठ की 40 प्रतिशत कोशिशों को नाकाम किया गया है। सैन्य कमांडर ने कहा, “हमें ऑपरेशनल गहराई बढ़ानी होगी।”
असम सरकार ने इस परियोजना के लिए 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। बदले में सेना सड़कों और पुलों का निर्माण करेगी, जिसमें स्थानीय ठेकेदारों को 60 प्रतिशत काम सौंपा जाएगा। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह स्टेशन सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा और अरुणाचल प्रदेश तक रणनीतिक आपूर्ति लाइनों को मजबूत करने की महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने सैनिकों की सराहना की और असम सरकार का आभार जताया। धुबड़ी में इस नए स्टेशन के साथ सीमा पर सतर्कता और बढ़ गई है, जो पूर्वोत्तर की रक्षा व्यवस्था को नई ताकत देगा।