10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन: गैस कटर से बोगी काट निकाले शव, बिलासपुर में रेल हादसे ने दहला दिया देश!

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया। गतौरा स्टेशन के पास लालखदान क्षेत्र में कोरबा पैसेंजर ट्रेन खड़ी मालगाड़ी से जोरदार टकरा गई, जिससे 11 यात्रियों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार शाम करीब 4 बजे हुआ, जब पैसेंजर ट्रेन पूरी रफ्तार में आकर उसी ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया और आगे की महिला आरक्षित बोगी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। लोको पायलट और कई यात्री बोगियों में बुरी तरह फंस गए। रेस्क्यू टीम ने गैस कटर की मदद से बोगी काटकर लोगों को बाहर निकाला। सीपीआरओ विपुल कुमार ने बुधवार को बताया कि अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घायलों का इलाज रेलवे अस्पताल, सिम्स और अपोलो में जारी है।

बचाव अभियान 10 घंटे से ज्यादा चला। रेलवे, जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने मिलकर देर रात तक राहत कार्य किया। रात करीब 10 बजे तक 8 शव निकाल लिए गए थे, जबकि तीन शव देर रात बोगी काटने के बाद निकाले गए। हादसे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

रेलवे के टेक्निकल और सुरक्षा विभाग की टीम ट्रैक की मरम्मत में जुटी रही। शाम 7 बजे एक ट्रैक पर ट्रेन संचालन शुरू कर दिया गया था, जबकि देर रात मिडिल लाइन भी बहाल कर दी गई। इसके बाद भी बचाव कार्य जारी रहा और क्रेन की मदद से बोगियों को ट्रैक से हटाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। घायल यात्रियों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए पहुंचे। रेस्क्यू टीमों ने बोगियों को काटकर** यात्रियों को बाहर निकाला।

रेलवे ने हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि यह मानव त्रुटि थी या तकनीकी लापरवाही। रेलवे सूत्रों के अनुसार, हादसे की वजह सिग्नलिंग सिस्टम की गड़बड़ी या ट्रेन के गलत ट्रैक में प्रवेश होना हो सकता है।

यह हादसा राज्य में पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ा रेल हादसा माना जा रहा है। पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा जल्द की जा सकती है।

 

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