गुवाहाटी। असम के सिनेमा इतिहास में शुक्रवार का दिन भावनाओं से भरा रहा, जब दिवंगत गायक और अभिनेता जुबिन गर्ग की आखिरी फिल्म *‘रै रै बिनाले’* सुबह 4:30 बजे रिलीज हुई। यह पहली बार था जब किसी असमिया फिल्म का शो इतनी सुबह रखा गया और दर्शकों की भारी भीड़ ने इसे एक भावनात्मक उत्सव में बदल दिया।
गुवाहाटी से लेकर डिब्रूगढ़ तक सिनेमाघरों के बाहर लोगों की लंबी कतारें दिखीं। बारिश और ठंड के बावजूद हर कोई जुबिन दा को श्रद्धांजलि देने पहुंचा। निर्देशक राजेश भुइयां ने बताया कि यह फिल्म जुबिन का 19 साल पुराना सपना था — एक म्यूजिकल लव स्टोरी बनाना, जिसे परिवार साथ देख सके। “आज वह सपना पूरा हुआ है, लेकिन अफसोस कि वे हमारे बीच नहीं हैं,” उन्होंने कहा।
लेखक राहुल गौतम के अनुसार, *‘रै रै बिनाले’* जुबिन की आत्मा और सोच का प्रतिबिंब है, जबकि निर्माता श्यामंतक गौतम ने कहा कि दर्शकों का प्यार देखकर मन भर आया। फिल्म अब उत्तर-पूर्व के 91 सिनेमाघरों और देशभर की 90 स्क्रीन पर दिखाई जा रही है, सभी शो हाउसफुल हैं।
यह पहली असमिया फिल्म है जो लखनऊ, इंदौर, रांची, जयपुर और गोवा जैसे शहरों में भी रिलीज हुई है। जैसे ही फिल्म के पहले सुर बजे, असम भावनाओं में डूब गया — यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जुबिन के सपने और असम के प्यार की मिसाल बन गई।
