मुख्यमंत्री धामी ने की लापता नेवी कैडेट करनदीप की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष पहल

देहरादून। उत्तराखंड के करनदीप सिंह राणा, जो मर्चेंट नेवी में सीनियर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत हैं, के लापता होने की खबर से परिवार और राज्य सरकार दोनों चिंतित हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर सक्रिय होकर करनदीप के परिवार से दूरभाष पर बात की और उन्हें सुरक्षा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करनदीप की सुरक्षित वापसी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में राज्य सरकार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से सीधे वार्ता करने का निर्णय लिया है ताकि करनदीप को शीघ्र और सुरक्षित रूप से घर लाया जा सके। धामी ने करनदीप के परिजनों से धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया और कहा कि राज्य सरकार उनकी चिंता और पीड़ा को समझती है।

22 वर्षीय करनदीप सिंह राणा 20 सितंबर 2025 को एमटी फ्रंट प्रिंसेस शिप से लापता हुए थे। उनके परिवार के अनुसार, करनदीप 18 अगस्त को सिंगापुर से शिप पर चढ़े थे, और यह शिप इराक होते हुए चीन की ओर जा रही थी। शिपिंग कंपनी और संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्य सरकार और संबंधित केंद्रीय एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक कदम उठा रही हैं। उनका उद्देश्य केवल करनदीप का पता लगाना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वे सुरक्षित और स्वस्थ घर लौटें।

धामी ने कहा कि करनदीप जैसे युवा अधिकारी हमारे राज्य और देश के लिए गौरव हैं, और उनके परिवार की चिंता पूरी तरह से समझी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि करनदीप जल्द से जल्द घर लौटें और उनके परिवार की आशंका और चिंता समाप्त हो

इस बीच, करनदीप की बहन सिमरन राणा ने बताया कि परिवार को शिप पर उनके स्थान और गतिविधियों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से मदद की अपील की है। मुख्यमंत्री धामी ने यह भरोसा दिया कि राज्य सरकार हर स्तर पर सक्रिय है और केंद्र सरकार तथा संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर करनदीप की सुरक्षा और खोज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी

करनदीप के लापता होने की घटना ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे राज्य को चिंता में डाल दिया है। मुख्यमंत्री धामी की त्वरित पहल और विदेश मंत्रालय से संपर्क ने परिवार को उम्मीद और विश्वास दिया है कि यह युवा कैडेट जल्द ही सुरक्षित रूप से घर लौटेंगे।

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