देहरादून। आधुनिक दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स की बढ़ती भूमिका को लेकर देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के समापन अवसर पर विशेषज्ञों ने मानव संसाधन प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया में एआई के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के अध्यक्ष अनुप कुमार ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में डेटा और एनालिटिक्स का महत्व तेजी से बढ़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सटीक डेटा विश्लेषण से संस्थान बेहतर और प्रभावी निर्णय ले सकते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और विकास में तेजी आती है।
सम्मेलन में प्रो-वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ ने कहा कि यह एआई का युग है, लेकिन इससे इंसानों की भूमिका कम नहीं होगी। बल्कि नई तकनीकों के साथ इंसानों की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। उन्होंने बताया कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने से संस्थानों की उत्पादकता बढ़ेगी और बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।
तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें मानव संसाधन विश्लेषण, कर्मचारी स्थायित्व (एट्रिशन), मैनपावर रिटेंशन, केस-आधारित निर्णय प्रणाली, प्रेडिक्टिव और प्रिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स तथा एआई आधारित कार्यबल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
इस आयोजन का संचालन यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. अजय पांडे, डॉ. नवनीत रावत, डॉ. गिरीश लखेरा, डॉ. ख्याति कपिल, डॉ. रत्नांकर मिश्रा और डॉ. शैव्य दीक्षित सहित कई शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने निष्कर्ष रूप में कहा कि आने वाले समय में एआई और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली संस्थानों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।